
अगर आप छत्तीसगढ़ में कंस्ट्रक्शन (निर्माण) से जुड़े मजदूर हैं, तो आपके लिए एक बड़ी और काम की खबर है। छत्तीसगढ़ सरकार का 'छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल' (CG BOCWWB) आपके और आपके परिवार के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। सरकार की ओर से श्रमिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कई लाभकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें पेंशन से लेकर बच्चों की पढ़ाई और इलाज तक की सुविधा शामिल है।
हाल ही में, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में, श्रम विभाग ने श्रमिकों के उत्थान के लिए 'अटल श्रम सशक्तिकरण योजना' (Atal Shram Sashaktikaran Yojana) जैसी बड़ी पहल शुरू की है। यह योजना असंगठित श्रमिकों और उनके परिवारों को एक ही जगह पर सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का लक्ष्य रखती है, जिसका पोर्टल 'श्रमेव जयते' है।
'भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल' में पंजीयन कराना बेहद आसान है। इसके लिए सबसे ज़रूरी शर्त है कि आपने पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन तक निर्माण से जुड़े किसी भी कार्य में मजदूरी की हो। अगर आप किसी रजिस्टर्ड सरकारी काम या ठेकेदार के अधीन 90 दिन से ज़्यादा काम कर लेते हैं, तो आप तुरंत श्रमिक कार्ड के लिए अप्लाई करने के पात्र बन जाते हैं।
श्रमिक अपना पंजीयन श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट shramevjayate.cg.gov.in पर जाकर ऑनलाइन (Online) कर सकते हैं।
सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।
मुख्य पेज पर 'भवन एवं अन्य संनिर्माण' सेक्शन चुनें।
यहां 'श्रमिक पंजीयन' (Shramik Panjiyan) के विकल्प पर क्लिक करें।
आवश्यक दस्तावेजों (जैसे आधार कार्ड, बैंक पासबुक, 90 दिन काम का प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र) के साथ ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें।
अगर आप खुद ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं, तो आप अपने नज़दीकी CSC सेंटर या साइबर कैफे की मदद ले सकते हैं। इसके अलावा, मंडल द्वारा नियुक्त 'श्रम मित्र' भी श्रमिकों को पंजीयन और योजनाओं का लाभ लेने में मदद करते हैं, जिससे यह प्रक्रिया सरल और सुगम हो गई है।
पंजीयन होने के बाद, श्रमिकों को 15 से भी ज़्यादा अलग-अलग योजनाओं का सीधा लाभ मिलना शुरू हो जाता है। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
1. मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना (₹1500 Pension Yojana): 60 वर्ष से अधिक उम्र के पात्र श्रमिकों को हर महीने ₹1500 की मासिक पेंशन दी जाती है। यह योजना बुढ़ापे में सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर देती है। अगर लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो उनकी पत्नी को ₹700 प्रतिमाह पारिवारिक पेंशन मिलती है। 2. बच्चों की शिक्षा और विवाह सहायता:
निशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी सहायता: निर्माण श्रमिकों के बच्चों को स्कूल यूनिफॉर्म, किताबें और कॉपियों के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे पढ़ाई का खर्च कम हो सके।
विवाह सहायता योजना: पंजीकृत श्रमिक की बेटी के विवाह के लिए आर्थिक मदद दी जाती है।
3. स्वास्थ्य और इलाज (Cashless Treatment): श्रमिकों को गंभीर बीमारियों के लिए बेहतर इलाज मिले, इसके लिए 106 निजी चिकित्सालयों के साथ अनुबंध किया गया है। इससे हृदय रोग, किडनी रोग, मस्तिष्क रोग और जटिल सर्जरी के लिए कैशलेस (Cashless) इलाज की सुविधा मिलती है।
4. मातृत्व एवं सुरक्षा सहायता:
मिनीमाता महतारी जतन योजना: गर्भवती महिला श्रमिकों को प्रसव के दौरान आर्थिक सहायता दी जाती है।
मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना: कार्यस्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपकरण खरीदने हेतु सहायता राशि प्रदान की जाती है।
श्रम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी 2024 से 15 सितंबर 2025 तक लगभग 7.3 लाख निर्माण श्रमिकों का पंजीयन किया गया है, और इसी अवधि में लगभग 8.39 लाख श्रमिकों को योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित किया गया है। इन योजनाओं पर सरकार ने ₹535.62 करोड़ से ज़्यादा की राशि खर्च की है, जो श्रमिकों के जीवन में एक बड़ा बदलाव ला रहा है। अगर आप निर्माण श्रमिक हैं, तो देर न करें, आज ही अपना Labour Card बनवाएं और इन सभी सुविधाओं का लाभ उठाएं।
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